भागीरथपुरा ट्रेजेडी के बाद इंदौर नगर निगम एक्शन में है। जर्जर जल अवसंरचना और 40 साल पुरानी नर्मदा पाइपलाइन बदली जाएगी। जानिए इंदौर के दूषित पानी मामले की पूरी सच्चाई।
भागीरथपुरा ट्रेजेडी
अब इस त्रासदी के बाद इंदौर नगर निगम (IMC) ने बड़ा फैसला लिया है। शहर की जर्जर जल अवसंरचना को पूरी तरह मजबूत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर पेयजल नेटवर्क का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
40 साल पुरानी नर्मदा पाइपलाइन बनेगी बदलाव की शुरुआत
इंदौर नगर निगम के आयुक्त क्षितिज सिंघल ने जानकारी दी कि तकनीकी जांच में यह सामने आया है कि छोटी ग्वालटोली और पटेल प्रतिमा चौराहा के पास स्थित नर्मदा जल की एक मुख्य पाइपलाइन लगभग 40 साल पुरानी है और अब उसकी संरचनात्मक मजबूती खत्म हो चुकी है।
यह पुरानी पाइपलाइन अब सुरक्षित नहीं रही है और दूषित पानी मिलने का बड़ा कारण बन सकती है। इसलिए इसे अस्थायी मरम्मत से नहीं, बल्कि पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया गया है
नगर निगम ने इस पाइपलाइन को बदलने के लिए औपचारिक एस्टीमेट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि यह काम स्थायी और तकनीकी मानकों के अनुसार हो सके।
वार्ड 54 पर विशेष फोकस: मयूर नगर और इदरीस नगर
भागीhttp://भागीरथपुरा ट्रेजेडीरथपुरा ट्रेजेडी दूषित पानी मामले के बाद नगर निगम ने वार्ड 54 को हाई रिस्क जोन मानते हुए विशेष निगरानी में लिया है। खासकर मयूर नगर और इदरीस नगर में लगातार दूषित पानी की शिकायतें सामने आ रही थीं।
तकनीकी टीमों द्वारा गहन जांच की जा रही है
यह पता लगाया जा रहा है कि कहां से गंदा पानी पीने की लाइन में मिल रहा है
खासतौर पर उन स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है जहां सीवरेज लाइन और पेयजल लाइन पास-पास हैं
नगर निगम की मेंटेनेंस टीमें दिन-रात काम कर रही हैं ताकि किसी भी तरह की लीकेज या क्रॉस-कनेक्शन को तुरंत ठीक किया जा सके।
नगर निगम का फोकस अब:
पेयजल सुरक्षा मानकों को लागू करने परपुराने ढांचे को हटाकर आधुनिक जल अवसंरचना बनाने परभविष्य में किसी भी पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी को रोकने पर है
नगर निगम के अनुसार आने वाले महीनों में:
पुरानी पाइपलाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा
संवेदनशील इलाकों में रेगुलर वॉटर टेस्टिंग होगी
शिकायतों के लिए फास्ट रिस्पॉन्स सिस्टम बनाया जाएगा
उम्मीद की जा रही है कि इन कदमों से इंदौर में दूषित पानी की समस्या पर स्थायी रोक लगेगी और लोगों को सुरक्षित पेयजल मिल सकेगा।
निष्कर्ष
भागीरथपुरा ट्रेजेडी के बाद इंदौर नगर निगम ने जर्जर जल पाइपलाइन बदलने का फैसला लिया है। दूषित पानी से हुई मौतों के बाद शहर की जल अवसंरचना को मजबूत करने की तैयारी तेज़ हो गई है।
