मध्य प्रदेश में SIR (Special Intensive Revision) की समय-सीमा 7 दिन बढ़ा दी गई है। अब मतदाता सूची का पुनरीक्षण 11 दिसंबर 2025 तक चलेगा। नई तारीखें, दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया, फाइनल वोटर लिस्ट और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

SIR क्या है — उद्देश्य, प्रक्रिया और महत्व
SIR यानी “विशेष गहन पुनरीक्षण” — यह एक व्यापक, एक-बारगी मतदाता सूची समीक्षा है, न कि साधारण सालाना अद्यतन।
उद्देश्य: सुनिश्चित करना कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाएँ और अवैध, डुप्लीकेट, मृत या पुनर्वासित मतदाताओं को हटाया जाए।
प्रक्रिया: बूथ-लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हैं, फॉर्म वितरित करते/भवति करी जाती है। मतदाता अपनी जानकारी (जन्म तिथि, पता, पहचान, आधार/पहचान विवरण आदि) देते/अपडेट करते हैं।
इसके साथ, 2002 (या पिछली “इंटेंसिव रिविजन” वर्ष) की वोटर-रोल से जुड़ा रिकॉर्ड भी देखा जा रहा है — यानी मतदाता या उनके माता-पिता / पुरखों का नाम 2002 या पुराने रोल में होना चाहिए।
SIR का उद्देश्य है — वोटर लिस्ट को “स्वास्थ्य-पूर्ण, विश्वसनीय और पारदर्शी” बनाना, ताकि चुनाव निष्पक्ष हों।
मध्य प्रदेश में नए शेड्यूल के प्रमुख बिंदु
आपके द्वारा उपलब्ध जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निम्नलिखित बदलाव व तिथियाँ तय हुई हैं:
SIR प्रक्रिया अब 11 दिसंबर 2025 तक चलेगी। (पहली समय-सीमा से 7 दिन की बढ़ोतरी)
मतदाता-एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने और उन्हें डिजिटाइज करने की प्रक्रिया को भी 11 दिसंबर तक बढ़ाया गया। (पहले 4 दिसंबर तय था)
पोलिंग स्टेशनों की समीक्षा / पुनर्संगठन की तारीख भी 11 दिसंबर तय हुई है।
पहले ड्राफ़्ट इलेक्टोरल रोल का सार्वजनिक प्रकाशन 9 दिसंबर था — अब इसे बढ़ाकर 16 दिसंबर 2025 किया गया।
दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि: 16 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक।
फाइनल पब्लिकेशन हेतु ECI की अनुमति लेने की आखिरी तारीख: 10 फरवरी 2026।
फाइनल वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन की नई तारीख: 14 फरवरी 2026 (पहले 7 फरवरी तय थी)।
नोट: ये तिथियाँ मध्य प्रदेश के लिए हैं, और हो सकता है कि कुछ अन्य राज्यों में शेड्यूल अलग हो।
मतदाताओं के लिए क्या करें — आपकी जिम्मेदारियाँ और सुझाव
यदि आप मध्य प्रदेश में रहते हैं या आपने कभी उसी राज्य में वोटर-ID बनवाई है, तो निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें:
यदि आपको अभी तक SIR फॉर्म नहीं मिला है, तो अपने नज़दीकी BLO या मतदान केन्द्र से संपर्क करें।
फॉर्म भरते समय हर जानकारी सही और सत्य होनी चाहिए — फर्जी जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यदि आप 2002 या उससे पहले की पुरानी वोटर सूची से जुड़े नहीं हैं, तो SIR में आपके नाम के अपडेट नहीं होने की संभावना है — इसलिए पूर्व वोटर-रोल में अपना या अपने किसी माता-पिता/पुरखे का नाम देखें।
नाम, पता, जन्मतिथि आदि अपडेट हो — तो फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें।
यदि आप अपने नाम की पुष्टि या मतदाता सूची में शामिल होने के लिए आवेदन करना चाहते हैं — SIR आपके लिए अच्छा अवसर है।
SIR — क्यों है ये बदलाव ज़रूरी और विवाद भी
SIR के फायदे / ज़रूरत
भारत में तेजी से शहरीकरण, आबादी में बदलाव, पलायन — इन कारणों से पुराने मतदाता-लिस्ट में कई अप्रासंगिक या गलत प्रविष्टियाँ हो चुकी थीं। SIR इन्हें सुधारने का प्रयास है।
नए 18 वर्ष के मतदाता, पता बदलने वाले, पुनर्वासित नागरिक — सभी को सूची में शामिल करना।
वोटर लिस्ट को विश्वसनीय, पारदर्शी व निष्पक्ष बनाना।