राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने नागपुर में 100वीं वर्षगांठ शताब्दी समारोह मनाया। कार्यक्रम में पीएम मोदी सहित कई दिग्गज शामिल हुए। पूरी जानकारी पढ़ें।

नागपुर, 2 अक्टूबर 2025 — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर नागपुर में भव्य शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर से आए स्वयंसेवकों, प्रमुख राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने हिस्सा लिया।
समारोह का मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का आयोजन नागपुर के रेशिमबाग मैदान में किया गया, जहाँ संघ की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।
मंच पर मौजूद सरसंघचालक मोहन भागवत ने शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “संघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना और राष्ट्र को आत्मनिर्भर बनाना है।”
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शिरकत की और महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि देने के बाद संघ के योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर संघ के इतिहास, सामाजिक कार्यों और देशहित में किए गए योगदान पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई।
✦ शताब्दी वर्ष की झलकियाँ
पूरे देश में शाखाओं के माध्यम से सेवा प्रकल्पों (शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्राम विकास) की शुरुआत की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा।
संघ से जुड़े विभिन्न संगठनों ने इस मौके पर “भारत को विश्वगुरु बनाने” का संकल्प लिया।
✦ दिग्गजों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक अवसर पर देश की राजनीति और समाज के कई बड़े चेहरे मौजूद रहे—
केंद्रीय मंत्रियों और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
विभिन्न धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता पर जोर दिया।
संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवकों को उनके आजीवन योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
✦ RSS के 100 वर्ष: एक संक्षिप्त झलक
स्थापना वर्ष: 1925
संस्थापक: डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार
मुख्य विचारधारा: हिंदू राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक एकता
मुख्य कार्यक्षेत्र: शिक्षा, सेवा, समाज-संगठन, ग्राम विकास, स्वदेशी को बढ़ावा
✦ निष्कर्ष
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100वीं वर्षगाँठ का यह आयोजन न सिर्फ एक ऐतिहासिक अवसर है, बल्कि यह देश के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में संघ की भूमिका को और भी मजबूत बनाता है। नागपुर का यह समारोह आने वाले वर्षों के लिए राष्ट्र निर्माण की नई दिशा तय करेगा।



