इंदौर एयरपोर्ट का रनवे पिघला इंदौर एयरपोर्ट पर भीषण गर्मी के कारण रनवे की सतह पिघल गई, जिससे दो फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। जानिए पूरी खबर, क्या कहा एयरपोर्ट प्रशासन ने और यात्रियों पर इसका क्या असर पड़ा।
इंदौर एयरपोर्ट का रनवे पिघला
मध्यप्रदेश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक इंदौर एयरपोर्ट पर हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भीषण गर्मी के कारण एयरपोर्ट के रनवे की सतह का कुछ हिस्सा नरम हो गया, जिससे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दो फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा। इस घटना के कारण यात्रियों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत स्थिति संभाल ली।
गर्मी के मौसम में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में रनवे पर उपयोग होने वाली डामर (Asphalt) की सतह कई बार अत्यधिक गर्मी में नरम पड़ जाती है। इंदौर एयरपोर्ट पर भी इसी वजह से रनवे के एक हिस्से में समस्या देखी गई।
कैसे पिघली रनवे की सतह
जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के कारण रनवे की सतह पर हल्की नरमी आ गई थी। रनवे पर लगातार विमान उतरने और उड़ान भरने से उस हिस्से पर दबाव बढ़ गया। एयरपोर्ट की तकनीकी टीम ने तुरंत निरीक्षण किया और पाया कि रनवे की सतह का एक छोटा हिस्सा प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा के नियमों के अनुसार अगर रनवे में थोड़ी भी समस्या आती है तो विमान की लैंडिंग और टेकऑफ को रोक दिया जाता है। इसी कारण दो फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
2 फ्लाइट्स को करना पड़ा डायवर्ट
रनवे की स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत फैसला लिया कि प्रभावित समय के दौरान आने वाली फ्लाइट्स को अन्य एयरपोर्ट की ओर भेज दिया जाए।
बताया जा रहा है कि दो फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया, जिससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा हुई। हालांकि कुछ समय बाद रनवे की मरम्मत और जांच के बाद उड़ान संचालन फिर से सामान्य कर दिया गया।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी और कई लोगों ने एयरपोर्ट प्रशासन से बेहतर रखरखाव की मांग की।
एयरपोर्ट प्रशासन ने क्या कहा
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और रनवे की मरम्मत का काम तुरंत शुरू कर दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि रनवे की सतह पर मामूली समस्या आई थी जिसे तकनीकी टीम ने जल्दी ठीक कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसलिए एहतियात के तौर पर फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया।
एयरपोर्ट प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अब रनवे पूरी तरह सुरक्षित है और फ्लाइट संचालन सामान्य रूप से जारी है।
गर्मी में रनवे क्यों पिघल जाता है
कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर रनवे कैसे पिघल सकता है। दरअसल, कई एयरपोर्ट पर रनवे की सतह डामर (Asphalt) से बनी होती है। जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो यह सतह नरम हो सकती है।
इसके अलावा लगातार भारी विमानों के उतरने और उड़ान भरने से भी दबाव पड़ता है। यदि तापमान बहुत अधिक हो तो रनवे के कुछ हिस्सों में हल्की क्षति हो सकती है।
हालांकि एयरपोर्ट पर नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस किया जाता है ताकि ऐसी स्थिति से जल्दी निपटा जा सके।
यात्रियों को हुई असुविधा
इस घटना के कारण कुछ यात्रियों को यात्रा में देरी का सामना करना पड़ा। जिन फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया था, उनके यात्रियों को दूसरे एयरपोर्ट पर उतरना पड़ा और बाद में वैकल्पिक व्यवस्था से उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचाया गया।
हालांकि कई यात्रियों ने यह भी कहा कि सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए एयरपोर्ट का यह फैसला सही था।
भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे
एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए रनवे की नियमित जांच और मरम्मत पर और ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। साथ ही अत्यधिक गर्मी के दौरान रनवे की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मौसम के अनुसार और मजबूत बनाने की जरूरत है ताकि बढ़ते तापमान का असर कम हो सके।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर इंदौर एयरपोर्ट रनवे पिघला की यह घटना भले ही थोड़े समय के लिए चिंता का कारण बनी, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन की तत्परता से स्थिति जल्दी सामान्य हो गई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ्लाइट्स को डायवर्ट करना एक जरूरी कदम था।
गर्मी के मौसम में इस तरह की घटनाएं दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन यह हमें यह भी याद दिलाती हैं कि बदलते मौसम के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत और तैयार रखना जरूरी है।






