1 अक्टूबर 2025 से मक्का, बाजरा, ज्वार सहित मोटे अनाज की सरकारी खरीद शुरू। MSP तय, किसानों को 48 घंटे के भीतर बैंक खाते में भुगतान मिलेगा।

भारत सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए 1 अक्टूबर 2025 से मोटे अनाज यानी “श्रीअन्न” (मक्का, बाजरा, ज्वार आदि) की सरकारी खरीद शुरू कर दी है। इस फैसले से देशभर के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलेगी और उन्हें 48 घंटे के भीतर सीधा भुगतान बैंक खाते में मिलेगा।
📌 क्या है “श्रीअन्न” योजना?
संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को “इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स” घोषित करने के बाद भारत सरकार ने मोटे अनाजों को श्रीअन्न का दर्जा दिया था। इसका उद्देश्य है—
किसानों को उचित दाम दिलाना
देशवासियों को पोषक आहार उपलब्ध कराना
मोटे अनाज की खपत और उत्पादन बढ़ाना
📊 किन अनाजों की होगी खरीद?
सरकार ने साफ किया है कि मक्का, बाजरा, ज्वार सहित अन्य श्रीअन्न फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी। यह खरीद पूरे देश में लागू होगी और किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों में जाना होगा।
💰 MSP और भुगतान की व्यवस्था
सरकार ने हर अनाज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पहले ही तय कर दिया है।
खरीदारी करने वाली सरकारी एजेंसियां किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेंगी।
इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
🌾 किसानों को क्या लाभ होगा?
- आर्थिक सुरक्षा – MSP पर उपज बेचने से किसानों को नुकसान का डर नहीं रहेगा।
- जल्दी भुगतान – 2 दिनों में भुगतान से नकदी की समस्या नहीं होगी।
- पोषक अनाज का बढ़ता महत्व – श्रीअन्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ावा मिलेगा।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती – किसान सीधे लाभान्वित होंगे और गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
🏛 सरकार का उद्देश्य
भारत सरकार का लक्ष्य है कि श्रीअन्न को आम लोगों की थाली तक पहुंचाया जाए और भारत को “ग्लोबल मिलेट हब” बनाया जाए। प्रधानमंत्री और कृषि मंत्रालय पहले ही कई बार कह चुके हैं कि श्रीअन्न न केवल किसानों के लिए लाभकारी है बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण है।
📌 नतीजा
मोटे अनाज की खरीदारी योजना किसानों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। इससे कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता, लाभ और स्थिरता आएगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में श्रीअन्न भारत की कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनेगा।