aajkiyatra.com

पौष पूर्णिमा 2026: जनवरी में पूर्णिमा कब है, व्रत कब रखें, पूजा विधि व महत्व

पौष पूर्णिमा 2026

पौष पूर्णिमा 2026 में कब है? जानिए जनवरी 2026 में पूर्णिमा की तिथि, पूर्णिमा व्रत कब है, पूजा विधि, स्नान‑दान का महत्व और इससे जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी।

पौष पूर्णिमा 2026

पौष पूर्णिमा कब है? (Paush Purnima 2026 Date)

अगर आप जानना चाहते हैं कि पौष पूर्णिमा कब है, जनवरी में पूर्णिमा कब है या पूर्णिमा व्रत कब है, तो आपके लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है।

हिंदू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा वर्ष 2026 में 3 जनवरी, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पौष मास की पूर्णिमा तिथि है और साथ ही नए वर्ष 2026 की पहली पूर्णिमा भी है, इसलिए इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

पूर्णिमा तिथि का आरंभ 2 जनवरी 2026 की शाम को होगा और इसका समापन 3 जनवरी 2026 को दिन में होगा। उदयातिथि के अनुसार पूर्णिमा व्रत और पूजा 3 जनवरी 2026 को ही रखी जाएगी।

जनवरी 2026 में पूर्णिमा कब है?

बहुत से लोग यह भी सर्च करते हैं कि January mein Purnima kab hai। आपको बता दें कि जनवरी 2026 में केवल एक ही पूर्णिमा पड़ रही है और वही है पौष पूर्णिमा।

इस दिन व्रत, स्नान, दान और चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

पौष पूर्णिमा व्रत कब है? (Purnima Vrat Kab Hai)

पौष पूर्णिमा व्रत 3 जनवरी 2026, शनिवार को रखा जाएगा। जो श्रद्धालु पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, वे इस दिन प्रातःकाल स्नान करके व्रत का संकल्प लेते हैं और शाम को चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करते हैं।

यह व्रत विशेष रूप से:

मानसिक शांति के लिए

पापों से मुक्ति के लिए

सुख‑समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए

पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है।

.

पौष पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

पौष पूर्णिमा का हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ स्थान है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।

इसी दिन से कई स्थानों पर माघ स्नान की शुरुआत भी मानी जाती है। गंगा, यमुना, सरस्वती जैसी पवित्र नदियों में स्नान, दान और तप का विशेष फल मिलता है।

पौष पूर्णिमा को:आत्मशुद्धि का दिनधर्म‑कर्म का श्रेष्ठ अवसरनए वर्ष में शुभ शुरुआत का प्रतीकमाना जाता है।

पौष पूर्णिमा पर क्या करें? (Purnima Par Kya Kare)

पौष पूर्णिमा के दिन यदि आप निम्न कार्य करते हैं तो विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है:

सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें

संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें

सूर्य को जल अर्पित करें

भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें

सत्यनारायण कथा का पाठ करें

गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दान दें

शाम को चंद्रमा को अर्घ्य दें और चंद्र दर्शन करें

पौष पूर्णिमा पर क्या न करें?

इस दिन झूठ, क्रोध और वाद‑विवाद से बचें

किसी का अपमान न करें

तामसिक भोजन और नशे से दूरी बनाए रखें

नकारात्मक सोच से दूर रहें

पौष पूर्णिमा व्रत के लाभ

पौष पूर्णिमा व्रत रखने से अनेक लाभ मिलते हैं:

जीवन में सुख‑शांति और सकारात्मक ऊर्जा आती है

मानसिक तनाव और चिंता में कमी आती है

पितृ दोष से मुक्ति मिलती है

धन, वैभव और समृद्धि में वृद्धि होती है

आध्यात्मिक उन्नति होती है

निष्कर्ष

यदि आप जानना चाहते थे कि पूर्णिमा कब है, जनवरी में पूर्णिमा कब है या पौष पूर्णिमा व्रत कब है, तो अब आपको पूरा उत्तर मिल गया होगा। 3 जनवरी 2026, शनिवार को पौष पूर्णिमा है। यह दिन व्रत, पूजा, स्नान और दान के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

Exit mobile version