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दिल्ली के दक्षिणी रिज को आरक्षित वन घोषित — 31 साल बाद बड़ी कार्रवाई

दिल्ली सरकार ने दक्षिणी रिज के 4,100 हेक्टेयर क्षेत्र को आरक्षित वन घोषित किया। 31 साल बाद यह कदम राजधानी के पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐतिहासिक है।

नई दिल्ली:
देश की राजधानी दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। दिल्ली के दक्षिणी रिज (Southern Ridge) के करीब 4,100 हेक्टेयर इलाके को अब आधिकारिक तौर पर “आरक्षित वन (Reserved Forest)” के रूप में घोषित किया जाएगा। यह फैसला पर्यावरण और वन विभाग द्वारा 31 साल बाद लिया गया है।

इस अधिसूचना से न केवल दिल्ली के प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि राजधानी का हरित क्षेत्र (Green Cover) भी सुरक्षित रहेगा।


🏞️ क्या है दक्षिणी रिज क्षेत्र?

दक्षिणी रिज दिल्ली का सबसे बड़ा प्राकृतिक हरित क्षेत्र है, जो अरावली पर्वतमाला का हिस्सा है। यह इलाका दिल्ली के कई हिस्सों में फैला हुआ है — जैसे कि संजय वन, असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सेंचुरी, तुगलकाबाद, और महरौली के आसपास।
यह क्षेत्र दिल्ली की “ग्रीन लंग्स (Green Lungs of Delhi)” कहलाता है क्योंकि यह शहर के प्रदूषण को कम करने और तापमान नियंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाता है।


📜 31 साल से लंबित थी अधिसूचना

दिल्ली सरकार ने साल 1994 में इस इलाके को “आरक्षित वन” घोषित करने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं के कारण यह अधिसूचना तीन दशकों तक अटकी रही।
अब 2025 में जाकर सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और अधिसूचना जारी करने का फैसला किया है।

यह निर्णय इसलिए भी अहम है क्योंकि दिल्ली में लगातार बढ़ते शहरीकरण और निर्माण कार्यों से हरित क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा था।


🌳 आरक्षित वन घोषित होने के फायदे

  1. पेड़ों की कटाई पर सख्त रोक: अब इस क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकेगी।
  2. प्राकृतिक आवास की सुरक्षा: यहाँ पाए जाने वाले जानवरों, पक्षियों और वनस्पतियों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रहेगा।
  3. जलवायु नियंत्रण में मदद: यह क्षेत्र दिल्ली के तापमान और प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
  4. भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षण: यह कदम आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और हरियाली प्रदान करने में मदद करेगा।

🐿️ पर्यावरणविदों की प्रतिक्रिया

पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की निदेशक सुनीता नारायण ने कहा —

“यह दिल्ली के लिए ऐतिहासिक क्षण है। दक्षिणी रिज का संरक्षण राजधानी की जीवनरेखा को बचाने जैसा है।”

पर्यावरण कार्यकर्ता भी मानते हैं कि यह कदम दिल्ली की पारिस्थितिकी (Ecology) को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।


🏗️ क्या असर पड़ेगा निर्माण परियोजनाओं पर?

अब इस क्षेत्र में आने वाले किसी भी रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को वन विभाग की मंजूरी लेनी होगी।
इससे अनियंत्रित निर्माण पर रोक लगेगी और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।


🌱 सरकार का अगला कदम

दिल्ली सरकार अब इस क्षेत्र की सीमाओं को चिन्हित करने और वन क्षेत्र का डिजिटल नक्शा तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।
इसके बाद यह क्षेत्र सर्वे ऑफ इंडिया में पंजीकृत किया जाएगा ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो।


📈 निष्कर्ष

दिल्ली के दक्षिणी रिज को “आरक्षित वन” घोषित करने का निर्णय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
इससे दिल्ली की हरियाली को नया जीवन मिलेगा और बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
31 साल बाद जारी यह अधिसूचना आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित दिल्ली की ओर बड़ा कदम है।

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